शिवहर- रेललाइन के प्रथम चरण में निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की मंजूरी मिल गई है
हाल ही में, सीतामढ़ी-मोतिहारी रेललाइन के प्रथम चरण के तहत शिवहर तक के रेललाइन के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है, जिससे इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के लिए आवश्यक ज़मीन का अधिग्रहण किया जा सके।
डीएम को समर्पित डिटेल्स रिपोर्ट - स्थानीय डीएम के निर्देशनों पर, शिवहर क्षेत्र के चीफ इंजीनियर (सीओ) ने अंचल थाना क्षेत्र में रेल लाइन के निर्माण में शामिल होने वाली ज़मीन की पूरी डिटेल्स रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हर भूखंड के विवरण के साथ-साथ, ज़मीन के मालिक को दिए जाने वाले मुआवजे की जानकारी भी शामिल है, जिससे डीएम और सरकारी अधिकारियों को आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सके।
भूमि अधिग्रहण का विस्तार : इस रेललाइन के निर्माण के लिए शिवहर अंचल के तीन मौजों—शिवहर, रसीदपुर, और सहबाजपुर की ज़मीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। सहबाजपुर मौजा में कुल 20 भूखंड हैं, जिनमें से 9 भूखंड आवासीय हैं, 2 व्यावासिक हैं और बाकी 9 भूखंड कृषि के उपयोग में हैं। शिवहर मौजा में 47 भूखंड अधिग्रहण किए जाएंगे, जिनमें 6 भूखंड आवासीय हैं, 2 व्यावासिक हैं और बाकी सभी कृषि के उपयोग के लिए हैं।
सुरक्षित और तेज रेल सेवा के लिए कदम : इससे यह सुनिश्चित होता है कि सीतामढ़ी-मोतिहारी रेललाइन के निर्माण में जरूरी ज़मीन का अधिग्रहण सफलतापूर्वक किया जा सके और लोगों को बेहतर और तेज रेल सेवा का आनंद लेने का मौका मिल सके।
रेललाइन के लिए स्वीकृति : प्रथम चरण में सीतामढ़ी-शिवहर तक 28 किमी लंबी रेललाइन के निर्माण के लिए 566.83 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
[शिवहर रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज
मुआवजा हुई फिक्स]
इस लेख द्वारा, हमने शिवहर रेललाइन के निर्माण के लिए ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को विस्तार से वर्णित किया है और यह जानकारी स्थानीय लोगों को इस प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण पहलू की समझ में मदद करेगी।




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