क्या आपको भी लगता ये घटना हमारे साथ हो चूका है डेजा वू

क्या आपको भी लगता है मेरे साथ पहले ये सब हुआ है 


बहुत बार ऐसा होता है जैसे की हम 3 - 4 दोस्त किसी होटल में जाते है और टेबल पे खा रहे होते है अचानक से ऐसा लगता है हम सब पहले भी ऐसा देखे है यानि की टेबल पे खाना खा रहे है उसका इमेज हमारे ब्रेन में पहले से ही होता है आप सोच रहे होंगे ये सब मुझे कैसे पता है घबराइए नहीं क्युकी ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं होता है बहोत लोगो के साथ होता है. 

आखिर ऐसा क्यों होता है और ये क्या है 

दोस्तों इस तरह की घटना हो डेजा वू  कहके है इस शब्द का उपयोग 1876 में फ्रांसीसी फिलॉसफर एमिल बोइराक ने एक पत्र में किया था science के देता के मुताबिक 100 लोग में से 80 लोग को डेजा बू  मेहसूस  होता है यानी की 80 % लोग को डेजा बू  मेहसूस  होता है  आपको बताते चलु = ये किसी प्रकार की बीमारी नहीं है ये भोत लोगो में होना कॉमन सी चीज है और ये बहुत स्ट्रांग फिल्लिंग  होती है 
क्या आपको भी कभी लगता है पहले मेरे साथ हो चूका है, deja bu, deja bhu,
डेजा बू  कब होता है 

सब हम किसी चीज के बारे कुछ ज्यादा ही सोचने लगते है फिर कुछ एक्टिवटी करते है जैसे की मै कुछ उद्हारण बता देता हु जैसे की _ आप अपने  3-4 दोस्त के साथ कोई सा भी नई जगह पे गए जहाँ पे आप पहले कभी नहीं गए है और आपको अचानक लगता है मैंने सब कुछ देखा है यानि की आप जो भी देख रहे हो वहा की द्रिस्य उसकी इमेज आपके ब्रेन में पहले से बनी पड़ी है क्या आपके साथ हुआ है 

देजा वू वाली फीलिंग परसेप्चुअल गैप (अवधारणात्मक अंतर) या स्प्लिट परसेप्शन (विभाजित धारणा) के कारण भी आ सकता है।क्युकि हमारा दिमाग एक समय में अपने ब्रेन में 2 प्रोसेस कर लेता है जो डेजा बू  होता है  

न्यूरोसाइकाइट्रस्ट डॉ ओहा सुस्मिता ने कहा- देजा वू वाली फीलिंग कॉमन है। ये किसी मनोवैज्ञानिक बीमरी का संकेत नहीं है। हालांकि कुछ लोगों को स्ट्रेस की वजह से ये जल्दी-जल्दी महसूस होता है जिससे माइग्रेन या एंग्जायटी होती है। 

क्या आपको भी ऐसा कभी हुआ है कमेंट करके जरूर बताये 

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